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कुफरी उदय: भारत की उच्च उपज वाली लाल छिलके की आलू किस्म — संपूर्ण गाइड

ICAR-CPRI द्वारा विकसित कुफरी उदय एक अगेती, उच्च उपज (36-38 टन/हे.), लेट ब्लाइट प्रतिरोधी लाल छिलके की आलू किस्म है — उत्तर भारतीय मैदानों के लिए।

📅 27 मार्च 2026⏱️ 13 मिनट
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कुफरी उदय भारत की सबसे होनहार अगेती लाल छिलके की आलू किस्मों में से एक है, जिसे ICAR-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (CPRI) ने उत्तर भारतीय मैदानों में व्यावसायिक खेती के लिए जारी किया है। यह अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP), पेरू के क्लोन CIP387521.3 और डच किस्म एफ्रोडाइट (Aphrodite) के संकरण से विकसित की गई है।

यह किस्म ICAR-CPRI क्षेत्रीय केंद्र, मोदीपुरम, मेरठ में आलू प्रजनक डॉ. एस.के. लूथरा और उनकी टीम के नेतृत्व में विकसित की गई। प्रजनन कार्यक्रम के दौरान इसका पदनाम CP4409 था।

कुफरी उदय की खासियत: आकर्षक लाल छिलका, अंडाकार आकार, उथली आँखें, और मीली पीला गूदा — ऐसे क्षेत्रों में जहाँ लाल छिलके वाले आलू को प्रीमियम कीमत मिलती है, यह किसानों के लिए आदर्श विकल्प है।
कुफरी उदय — आकर्षक लाल छिलके की उच्च उपज वाली आलू किस्म, ICAR-CPRI द्वारा विकसित
कुफरी उदय — आकर्षक लाल छिलके की उच्च उपज वाली आलू किस्म, ICAR-CPRI द्वारा विकसित

कुफरी उदय — प्रमुख विशेषताएँ

  • किस्म का नाम — कुफरी उदय (प्रजनन कोड: CP4409)
  • विकसित — ICAR-CPRI, मोदीपुरम, मेरठ
  • वंशावली — CIP387521.3 × एफ्रोडाइट (नीदरलैंड)
  • किस्म प्रकार — टेबल पोटैटो (मुख्य सीज़न)
  • परिपक्वता — अगेती (75–90 दिन)
  • उपज क्षमता — 36–38 टन/हेक्टेयर
  • छिलके का रंग — आकर्षक लाल
  • गूदे का रंग — पीला
  • कंद का आकार — अंडाकार, उथली आँखें
  • शुष्क पदार्थ — 18–19%
  • बनावट — मीली (Mealy)
  • रोग प्रतिरोध — लेट ब्लाइट के विरुद्ध क्षेत्र प्रतिरोध
  • भंडारण गुणवत्ता — बहुत अच्छी
  • अनुशंसित क्षेत्र — उत्तर भारतीय मैदान
  • बीज दर — 35–40 क्विंटल/हेक्टेयर
  • वंशावली और प्रजनन इतिहास

    मातृ वंश — CIP387521.3

    मादा पैरेंट CIP387521.3 अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP), लीमा, पेरू का एक उन्नत क्लोन है। इस पैरेंट लाइन ने उपज क्षमता और रोग सहिष्णुता से संबंधित गुण प्रदान किए।

    पितृ वंश — एफ्रोडाइट (नीदरलैंड)

    नर पैरेंट एफ्रोडाइट नीदरलैंड की एक बहुत अगेती से अगेती परिपक्व होने वाली किस्म है। डच आनुवंशिकी ने कुफरी उदय को अगेती बल्किंग क्षमता और उत्कृष्ट कंद दिखावट के गुण प्रदान किए।

    AICRP के तहत बहु-स्थानीय परीक्षण

    CP4409 का 2018-19 से 2020-21 तक अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP) के तहत उत्तरी, मध्य और पूर्वी मैदानों के कई केंद्रों पर कठोर मूल्यांकन किया गया — हिसार (हरियाणा), मोदीपुरम (उत्तर प्रदेश), बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश में। इन परीक्षणों में कुफरी उदय ने मानक जाँच किस्मों कुफरी ललित और कुफरी लालिमा से लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।

    उपज प्रदर्शन

    2025 क्षेत्र परीक्षण: ICAR-भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम में छह आलू किस्मों के मूल्यांकन में कुफरी उदय ने प्रति पौधा सर्वाधिक औसत कंद वज़न (561.20 ग्राम), प्रति पौधा सर्वाधिक कंद संख्या (7.80), और सर्वाधिक कुल उपज (36.30 टन/हे.) दर्ज की।

    AICRP परीक्षण सारांश

  • उत्तरी मैदान — 75 दिन पर ~39 टन/हे. (हिसार) | 90 दिन पर ~43 टन/हे. | कुफरी ललित और कुफरी लालिमा से अधिक
  • मध्य मैदान — 2018-19 से 2020-21 तक लगातार श्रेष्ठ | जाँच किस्मों से बेहतर
  • पूर्वी मैदान — 2018-19 से 2020-21 तक लगातार श्रेष्ठ | कुफरी लालिमा से बेहतर
  • समग्र क्षमता — बहु-वर्षीय औसत 36–38 टन/हे. | उर्वरक अनुक्रियाशील
  • इसकी अगेती बल्किंग प्रकृति का अर्थ है कि किसान रोपण के 75 दिन बाद भी व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य उपज प्राप्त कर सकते हैं।

    अन्य लाल छिलके की किस्मों से तुलना

    कुफरी उदय बनाम कुफरी लालिमा

  • कुफरी उदय — परिपक्वता: 75-90 दिन | उपज: 36-38 टन/हे. | शुष्क पदार्थ: 18-19% | लेट ब्लाइट: क्षेत्र प्रतिरोधी | गूदा: पीला
  • कुफरी लालिमा — परिपक्वता: 80-100 दिन | उपज: ~21 टन/हे. | शुष्क पदार्थ: मध्यम | लेट ब्लाइट: मध्यम | गूदा: क्रीम
  • कुफरी उदय बनाम कुफरी रतन (2025)

  • कुफरी रतन — परिपक्वता: 90 दिन | उपज: 37-39 टन/हे. | लेट ब्लाइट: प्रतिरोधी | छिलका: गहरा लाल | गूदा: पीला
  • कुफरी रतन (2025) की उपज थोड़ी अधिक है, लेकिन कुफरी उदय का लाभ इसकी अगेती परिपक्वता में है — फसल चक्र में अधिक लचीलापन।

    पौधे और कंद की विशेषताएँ

    कुफरी उदय मध्यम ऊँचे, ओजस्वी पौधे उत्पन्न करता है जिनकी अर्ध-सघन छतरी होती है। पौधों में लेट ब्लाइट के विरुद्ध क्षेत्र प्रतिरोध है।

  • आकार — अंडाकार (Ovoid)
  • छिलके का रंग — आकर्षक लाल
  • गूदे का रंग — पीला
  • आँखों की गहराई — उथली (छीलने में कम बर्बादी)
  • बनावट — मीली (उबले आलू, सब्ज़ी, चोखा के लिए उत्कृष्ट)
  • शुष्क पदार्थ — 18–19%
  • भंडारण गुणवत्ता — बहुत अच्छी
  • अनुशंसित क्षेत्र और राज्य

  • उत्तरी मैदान — पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड (मैदानी) | जालंधर, हिसार, पानीपत, करनाल
  • मध्य मैदान — उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान | आगरा, फर्रुखाबाद, मेरठ, ग्वालियर
  • पूर्वी मैदान — बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम | पटना, हुगली, नालंदा, बर्दवान
  • बाज़ार अवसर: लाल छिलके वाले आलू पारंपरिक रूप से पूर्वी भारतीय बाज़ारों में लोकप्रिय हैं जहाँ उपभोक्ता रंगीन कंदों को प्राथमिकता देते हैं। उत्तर-पश्चिमी और पश्चिम-मध्य भारत में भी माँग बढ़ रही है।

    खेती की सिफारिशें

  • बीज दर — 35–40 क्विंटल/हेक्टेयर | इष्टतम बीज कंद आकार: 40–60 ग्राम
  • रोपण समय — मध्य अक्टूबर से नवंबर की शुरुआत (रबी सीज़न)
  • दूरी — पंक्ति से पंक्ति: 60 सेमी | पौधे से पौधा: 20 सेमी
  • भूमि तैयारी — 2-3 बार गहरी जुताई + समतलीकरण | 20-25 टन/हे. सड़ी गोबर की खाद
  • उर्वरक — 150-200 किग्रा N, 80 किग्रा P2O5, 100-120 किग्रा K2O प्रति हेक्टेयर
  • सिंचाई — 6-8 सिंचाई | महत्वपूर्ण: अंकुरण, स्टोलन निर्माण, कंद निर्माण, कंद बल्किंग
  • मिट्टी चढ़ाना — पहला: 25-30 दिन बाद | दूसरा: 40-45 दिन बाद
  • कटाई — 75 दिन (अगेती बाज़ार) या 90 दिन (अधिकतम उपज)
  • रोग प्रबंधन

    लेट ब्लाइट क्षेत्र प्रतिरोध के बावजूद, उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मेटालैक्सिल + मैनकोज़ेब का छिड़काव रोपण के 35-40 दिन बाद शुरू करें। माहू (एफिड) की निगरानी करें — सीमा आबादी पर इमिडाक्लोप्रिड लगाएँ।

    भंडारण और रखरखाव

    देशी भंडारण लाभ: पूर्वी भारत के किसान और छोटे भूमिधारक जो ढेर भंडारण पर निर्भर हैं, उनके लिए कुफरी उदय की अच्छी भंडारण गुणवत्ता का मतलब है — कम नुकसान और बेहतर कीमत के लिए बिक्री का समय चुनने की सुविधा।

    दीर्घकालिक भंडारण के लिए 2-4 डिग्री सेल्सियस पर शीत भंडारण और अंकुरण दमन के लिए CIPC उपचार अनुशंसित है।

    पोषण मूल्य और पाक उपयुक्तता

    18-19% शुष्क पदार्थ इसे टेबल उपयोग के लिए आदर्श बनाता है। पीले गूदे का रंग उच्च कैरोटीनॉइड सामग्री का संकेतक है — आँखों के स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा के लिए लाभदायक।

    उत्तम पाक उपयोग: उबले आलू, आलू सब्ज़ी, करी, मैश्ड पोटैटो, और चोखा — उत्तर और पूर्वी भारत में लोकप्रिय व्यंजन। चिप्स/फ्रेंच फ्राई प्रसंस्करण के लिए उपयुक्त नहीं (20%+ शुष्क पदार्थ चाहिए)।

    किसान कुफरी उदय क्यों चुनें?

  • त्वरित फसल चक्र — 75-90 दिन में परिपक्व, गेहूँ/सरसों की समय पर बुवाई संभव
  • उच्च उपज — 36-38 टन/हे., कुफरी ललित और कुफरी लालिमा से अधिक
  • प्रीमियम बाज़ार मूल्य — लाल छिलका + पीला गूदा, पूर्वी मंडियों में प्रीमियम
  • रोग सुरक्षा — लेट ब्लाइट क्षेत्र प्रतिरोध, कवकनाशी लागत में कमी
  • विपणन लचीलापन — बहुत अच्छी भंडारण गुणवत्ता, बेहतर कीमत का इंतज़ार
  • उर्वरक अनुक्रियाशील — संतुलित पोषण में निवेश का पुरस्कार
  • आकर्षक दिखावट — अंडाकार, उथली आँखें, लाल छिलका, कम छीलने का नुकसान
  • कुफरी उदय बीज आलू कहाँ से प्राप्त करें?

    ICAR-CPRI क्षेत्रीय केंद्र: मोदीपुरम-मेरठ, जालंधर (पंजाब), ग्वालियर (मध्य प्रदेश), पटना (बिहार), शिलांग (मेघालय)। बीज मार्च-अप्रैल में नीलामी या प्री-बुकिंग से उपलब्ध।

    राज्य कृषि विभाग: CPRI से फाउंडेशन और प्रमाणित बीज प्राप्त करते हैं।

    NHRDF: प्रमुख आलू उत्पादक राज्यों में उन्नत कुफरी किस्मों तक पहुँच प्रदान करते हैं।

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    कुफरी उदय क्या है?

    कुफरी उदय ICAR-CPRI द्वारा विकसित एक अगेती, उच्च उपज वाली लाल छिलके की टेबल आलू किस्म है। इसे CIP387521.3 और एफ्रोडाइट के संकरण से विकसित किया गया है। यह उत्तर, मध्य और पूर्वी मैदानों के लिए अनुशंसित है।

    कुफरी उदय की उपज क्षमता कितनी है?

    इष्टतम प्रबंधन में 36-38 टन/हेक्टेयर। AICRP परीक्षणों में 75-दिन और 90-दिन दोनों कटाई पर कुफरी ललित और कुफरी लालिमा से लगातार बेहतर। 2025 के क्षेत्र अध्ययन में छह किस्मों में सर्वाधिक 36.30 टन/हे. दर्ज।

    क्या कुफरी उदय लेट ब्लाइट प्रतिरोधी है?

    हाँ, क्षेत्र प्रतिरोध है। रोग-मुक्त नहीं, लेकिन फसल नुकसान और कवकनाशी लागत काफी कम होती है। उच्च आर्द्रता में मेटालैक्सिल + मैनकोज़ेब का रोकथाम छिड़काव अनुशंसित।

    बीज दर क्या है?

    35-40 क्विंटल/हेक्टेयर, बीज कंद आकार 40-60 ग्राम। पंक्ति दूरी 60 सेमी, पौधा दूरी 20 सेमी।

    किन राज्यों में उगा सकते हैं?

    उत्तरी मैदान (पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड), मध्य मैदान (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान), और पूर्वी मैदान (बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम)। रबी सीज़न (अक्टूबर-मार्च)।

    क्या चिप्स बना सकते हैं?

    नहीं, कुफरी उदय टेबल आलू है। 18-19% शुष्क पदार्थ चिप्स की 20-21% आवश्यकता से कम है। प्रसंस्करण के लिए कुफरी चिप्सोना या कुफरी चिपभारत-1 उपयुक्त हैं।

    भंडारण गुणवत्ता कैसी है?

    बहुत अच्छी। देशी भंडारण में कई सप्ताह तक कम वज़न हानि और अंकुरण। दीर्घकालिक के लिए 2-4 डिग्री शीत भंडारण + CIPC उपचार अनुशंसित।

    बीज कहाँ से खरीदें?

    ICAR-CPRI क्षेत्रीय केंद्रों (मोदीपुरम, जालंधर, ग्वालियर, पटना), राज्य कृषि विभागों, राज्य बीज निगमों, और NHRDF केंद्रों से। मार्च-अप्रैल में नीलामी या प्री-बुकिंग।

    कुफरी उदय किसने विकसित की?

    ICAR-CPRI क्षेत्रीय केंद्र, मोदीपुरम, मेरठ में डॉ. एस.के. लूथरा के नेतृत्व में, ICAR-CPRI शिमला और अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP) के सहयोग से। शोध पत्र Potato Journal (Vol. 50, No. 1, 2023) में प्रकाशित।


    स्रोत: Luthra, S.K. (2023), "Kufri Uday: An Early Maturing Red Skin Potato Variety," Potato Journal, 50(1), ICAR-CPRI — epubs.icar.org.in · Evaluation of different varieties of potato, Journal of Eco-friendly Agriculture, 20(2): 350-355, 2025, ICAR-IIFSR, Modipuram · Kumar V, Luthra SK et al. (2014), Indian potato varieties and their salient features, CPRI Technical Bulletin No. 78 · Rawal S et al. (2021), Good Agricultural Practices for Potato, ICAR-CPRI, Shimla. यह लेख indianpotato.com पर प्रकाशित मूल अंग्रेज़ी गाइड पर आधारित है।

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