

असम सरकार किसान उत्पादक कंपनियाँ (FPC) दोगुनी करना चाहती है और आलू की खेती बढ़ाने पर बात कर रही है। असम में आलू की पैदावार 7.6 टन प्रति हेक्टेयर है, देश में 24.6 टन।



▶ बुवाई का मौसम · String Bio के साथ वीडियोआलू में तीन स्प्रे: कब, कितना और कैसेएक एकड़ में 88 ग्राम, 200 लीटर पानी। डेढ़ मिनट का वीडियो, साथ में अपनी अतिरिक्त पैदावार का हिसाब।वीडियो देखें →
अनुसंधानबैंगनी आलू में सफ़ेद आलू से करीब 3 गुना पॉलीफ़ेनॉल। छोटी स्टडी में ब्लड प्रेशर 4–5 mm घटा; GI 77 बनाम 93, पर फ़र्क पक्का नहीं। भारत की 2 बैंगनी किस्में।
भारत के खेत छोटे हैं, इसलिए ग्रिम और शक्तिमान ने 45 से 80 HP ट्रैक्टर के लिए आलू मशीनें बनाईं। शक्तिमान ग्रिम के पूर्व बिज़नेस हेड देवेंद्र के झा बताते हैं कि छोटे किसान तक मशीन कैसे पहुँचे।





♥ पाठकों का सहयोग
इंडियन पोटैटो सिर्फ़ आलू की बात करता है: मंडी भाव, बीज, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और निर्यात, और इसे पढ़ना सबके लिए मुफ़्त है। हमारा काम आपके काम आता है तो इस पहल में सहयोग करें। आपका हर रुपया खेतों और मंडियों से और ज़्यादा ख़बरें लाने में लगेगा।
हम सहयोग क्यों माँगते हैं →UPI · कार्ड · नेट बैंकिंग · Razorpay से सुरक्षित