क्विंटेरा आलू: अच्छी पैदावार, लंबा भंडारण और वायरस से बचाव वाला फ्रेंच फ्राई आलू
क्विंटेरा फ्रेंच फ्राई बनाने वाला आलू है — पैदावार अच्छी, कोल्ड स्टोर में महीनों टिकता है और वायरस Y से बचाव में 99 अंक। कैसे उगाएँ और इनोवेटर से कैसे आगे है।

सीधी बात
क्विंटेरा फ्रेंच फ्राई बनाने वाला आलू है — पीला छिलका, बड़े लंबे-अंडाकार आलू और 21.7% ड्राई मैटर। ड्राई मैटर आलू का ठोस हिस्सा है, और यही फ्राई को कुरकुरा बनाता है। यह किस्म ज़्यादातर फ्राई वाले आलुओं से थोड़ा पहले तैयार होती है, कोल्ड स्टोर में लंबा टिकती है, और वायरस Y से बचाव में लगभग 100 में से 99 अंक पाती है।
इनोवेटर के मुक़ाबले, जो भारत में मिलने वाला एक और फ्राई आलू है, क्विंटेरा ज़्यादा पैदावार देता है, ज़्यादा दिन टिकता है, वायरस से कहीं बेहतर बचता है और कम खाद में काम चलाता है।
कुछ लोग इसे "क्विंटेर्रा" (Quinterra) भी लिखते हैं। सही नाम क्विंटेरा (Quintera) है।
नीदरलैंड की बीज कंपनी HZPC ने क्विंटेरा को फ्रेंच फ्राई के लिए तैयार किया है, और भारत में इसका बीज महिंद्रा HZPC से मिलता है। नीचे आसान भाषा में पढ़िए कि यह आलू क्या देता है, कैसे उगता है और कैसे रखा जाता है।
क्विंटेरा आठ अंकों में
बीज कंपनी हर किस्म को उसकी हर ख़ूबी के लिए लगभग 1 से 100 तक अंक देती है। जितने ज़्यादा अंक, किसान के लिए उतना अच्छा। नीचे क्विंटेरा के आठ सबसे काम के अंक, फ्राई के डिब्बे की शक्ल में।
क्विंटेरा · लगभग 100 में से अंक
एक छोटी फ्राई है चोट की: क्विंटेरा धक्का लगने पर जल्दी दबता है, इसलिए खुदाई में आराम से काम लेना फ़ायदे का है।
क्विंटेरा कैसा दिखता है, और फ्राई बनाने वाले इसे क्यों पसंद करते हैं
| ख़ूबी | क्विंटेरा |
|---|---|
| तैयार होने का समय | मध्यम-अगेती |
| पैदावार | मध्यम से ऊँची (104) |
| आकार | अंडाकार से लंबा |
| आलू का साइज़ | बड़ा |
| प्रति पौधा आलू | 9–11 |
| छिलका | पीला |
| पकने पर गूदा | हल्का पीला |
| पकने पर बनावट | थोड़ा भुरभुरा |
| ड्राई मैटर | 21.7% |
| स्टार्च | 15.8% |
| भंडारण | लंबा |
| चोट | जल्दी दबता है |
तीन बातें क्विंटेरा को अच्छा फ्राई आलू बनाती हैं। आलू बड़े और लंबे हैं, तो लंबी फ्राई कटती है। 21.7% ड्राई मैटर से फ्राई बाहर से कुरकुरी बनती है, गीली नहीं। और इसमें अंकुर देर से फूटता है, तो माल कोल्ड स्टोर में महीनों तक फ़ैक्ट्री का इंतज़ार कर सकता है।
क्विंटेरा में वो प्राकृतिक शक्कर भी कम है जो गरम तेल में फ्राई को गहरा भूरा कर देती है, इसलिए इसकी फ्राई एक जैसी सुनहरी निकलती है। प्रोसेसिंग वाली एक और किस्म के बारे में पढ़ें: एस्टेरिक्स आलू की पूरी जानकारी।
क्विंटेरा और इनोवेटर, आमने-सामने
इनोवेटर भी भारत में मिलने वाला फ्रेंच फ्राई आलू है, इसलिए इससे तुलना करके क्विंटेरा की ख़ूबियाँ आसानी से समझ आती हैं। लंबी पट्टी का मतलब बेहतर।
| एक नज़र में | क्विंटेरा | इनोवेटर |
|---|---|---|
| छिलका | पीला | भूरा |
| ड्राई मैटर | 21.7% | 20.6% |
| नाइट्रोजन खाद | 210–250 किलो प्रति हेक्टेयर | 250 किलो प्रति हेक्टेयर से ज़्यादा |
| बुवाई की गहराई | सामान्य | सामान्य से 3 सेमी गहरी |
सीधे शब्दों में: क्विंटेरा ज़्यादा आलू देता है, ज़्यादा दिन टिकता है, वायरस से कहीं बेहतर बचता है और कम खाद माँगता है। इनोवेटर की ख़ूबी दक्षिण की पहाड़ियों के एक मिट्टी वाले कीड़े से बचाव है, जिसकी बात नीचे है।
भारत में आलू की किस्में सोर्स करनी हैं?
बताइए किस काम के लिए, कितना माल और किस सीज़न में। हम सप्लायर से जोड़ देंगे।
क्विंटेरा और पहाड़ों का सिस्ट कीड़ा
आलू का सिस्ट कीड़ा (नेमाटोड) मिट्टी में रहने वाला बहुत छोटा कीड़ा है जो आलू की जड़ें खाता है। भारत में यह तमिलनाडु की पहाड़ियों में, नीलगिरि और कोडाइकनाल के आसपास मिलता है। इसकी एक सुनहरी और एक सफ़ेद क़िस्म होती है। ऊटी के ICAR आलू अनुसंधान केंद्र के मुताबिक़ एक सुनहरी क़िस्म (Ro1) और एक सफ़ेद क़िस्म (Pa2) मिलकर नीलगिरि के लगभग 75% सिस्ट कीड़े हैं।
| बचाव, 9 में से | सुनहरा कीड़ा (Ro1) | सफ़ेद कीड़ा (Pa2) |
|---|---|---|
| क्विंटेरा | 9 | 1 |
| इनोवेटर | 2 | 8 |
क्विंटेरा सुनहरे कीड़े से पूरा बचाव देता है, और इनोवेटर सफ़ेद कीड़े के ख़िलाफ़ अच्छा है। यानी पहाड़ के किसान अपने खेत के कीड़े के हिसाब से किस्म चुन सकते हैं। क्विंटेरा मस्सा रोग (वार्ट) के टाइप 1 से भी बचा रहता है, जो आलू की एक और मिट्टी वाली बीमारी है।
क्विंटेरा कैसे उगाएँ: छह आसान क़दम
बीज को जगाइए
क्विंटेरा का बीज देर तक सोया रहता है, इसलिए बुवाई से पहले हल्का अंकुर निकलवा लें, फ़सल जल्दी उठेगी। बीज आलू को 5°C से ज़्यादा ठंडा न रखें, और बोने से पहले उसे गरम होने दें।
बीज और मिट्टी का उपचार
बीज और मिट्टी दोनों का ब्लैक स्कर्फ़ (राइज़ोक्टोनिया) से उपचार करें। यह फफूंद छिलके पर काले दाग़ छोड़ती है और छोटे पौधों को कमज़ोर करती है। इसे हर फ़सल का नियम बना लें।
बीज के साइज़ के हिसाब से दूरी
प्रति हेक्टेयर लगभग 36,000 से 45,000 बीज आलू लगाएँ: बीज छोटा हो तो ज़्यादा, बड़ा हो तो कम। 75 सेमी की कतार पर पौधों के बीच 30 से 37 सेमी रखें। मेड़ पूरी और ऊँची बनाएँ ताकि आलू ढके रहें और हरे न हों।
खाद पूरी, पर ज़रूरत से ज़्यादा नहीं
प्रति हेक्टेयर 210 से 250 किलो नाइट्रोजन दें, मिट्टी में पहले से मौजूद नाइट्रोजन गिनकर: ज़्यादातर बुवाई से पहले, और लगभग पाँचवाँ हिस्सा बाद में ऊपर से। साथ में लगभग 350 किलो पोटाश प्रति हेक्टेयर और मैग्नीशियम के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व दें।
खरपतवार और झुलसा से बचाइए
आलू जल्दी बनने लगते हैं। फ़सल उगने से पहले खरपतवारनाशी डालें, और पछेती झुलसा के लिए दवा बीमारी आने से पहले ही छिड़कें।
खुदाई आराम से
क्विंटेरा थोड़ा जल्दी पकता है, तो खुदाई से पहले फ़सल ख़त्म करना आसान रहता है। आलू को चोट जल्दी लगती है, इसलिए खुदाई मशीन धीमी चलाएँ और आलू को ऊँचाई से न गिरने दें।
क्विंटेरा हर तरह की मिट्टी में उगता है, कम पानी वाली जगहों पर भी। रेतीली मिट्टी में यह ख़ास तौर पर अच्छा करता है, पानी किफ़ायत से लेता है और सूखे दिनों को अच्छे से झेल लेता है।
क्विंटेरा कितने दिन टिकता है
क्विंटेरा को रखना आसान है। खुदाई के बाद आलू को कुछ दिन घाव भरने दें, फिर कोल्ड स्टोर लगातार 8°C पर रखें और समय-समय पर हवा दें ताकि सड़न न हो। अंकुर देर से फूटता है, इसलिए अंकुर-रोधी दवा सिर्फ़ उस माल पर चाहिए जो सीज़न में बहुत देर तक रखना हो।
फ्राई बनाने वालों ने भी यही देखा है। मिस्र की एक फ्रेंच फ्राई कंपनी ने अपने क्विंटेरा आलू सात महीने कोल्ड स्टोर में रखे, और उससे भी ज़्यादा रखने की तैयारी में थी।
किसान क्विंटेरा के बारे में क्या कहते हैं
नीदरलैंड के एक बीज उत्पादक और मिस्र की एक फ्राई कंपनी ने HZPC की पत्रिका में अपना अनुभव बताया।
"मुझे यह उगाने में बहुत आसान आलू लगता है। इसमें वायरस नहीं लगता और खुरंड भी झेल लेता है।"
बीज आलू उत्पादक, पिंगयुम, नीदरलैंड
"हम इसकी खुदाई जल्दी कर लेते हैं और ड्राई मैटर अच्छा है… आलू बड़े और एक जैसे साइज़ के होते हैं।"
एक फ्रेंच फ्राई कंपनी के निदेशक, मिस्र
डच उत्पादक की सलाह: खाद ज़रूरत से ज़्यादा न दें, वरना आलू में दरारें आ सकती हैं। मिस्र की कंपनी ने छोटे परीक्षण खेत से शुरुआत की, 2023 में पहली पूरी फ़सल ली और 2024 तक 200 हेक्टेयर तक पहुँचने की योजना बनाई।
आने वाले सीज़न के लिए आलू की किस्में सोर्स करनी हैं?
किस्म, ग्रेड और मात्रा बताइए। हम विकल्पों के साथ जवाब देंगे।
क्या क्विंटेरा आपके लिए ठीक है?
इनके लिए बढ़िया
- फ्रेंच फ्राई फ़ैक्ट्रियों के लिए आलू उगाने वाले किसान
- ऐसे खेत जहाँ वायरस की दिक़्क़त रही है
- ऐसी फ़सल जिसे महीनों कोल्ड स्टोर में रहना है
- रेतीली मिट्टी और कम पानी वाली जगहें
अच्छे नतीजे के लिए
- खुदाई और लदाई में आलू को आराम से संभालें
- पछेती झुलसा की दवा पहले ही छिड़कें
- पहाड़ों में सफ़ेद सिस्ट कीड़े वाले खेत से बचें
- मैग्नीशियम के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व दें
क्विंटेरा उन किस्मों में जुड़ गया है जिनसे भारत की फ़ैक्ट्रियाँ फ्राई और चिप्स बनाती हैं। बीज भारत में महिंद्रा HZPC से मिलता है, तो फ्राई की फ़सल की योजना बना रहे किसान और प्रोसेसर आने वाले सीज़न के लिए क्विंटेरा के बारे में पूछ सकते हैं। बीज और किस्मों की और ख़बरें हमारे बीज प्रणाली सेक्शन में पढ़ें।
स्रोत: HZPC (क्विंटेरा और इनोवेटर की किस्म जानकारी, क्विंटेरा पेज और पत्रिका), महिंद्रा HZPC की किस्म सूची, ICAR-केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र ऊटी के शोध (Journal of Horticultural Sciences 2008; Indian Journal of Agricultural Sciences 2020)। फ़ोटो: HZPC।


