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INDIAN POTATO
अनुसंधान

आलू या चावल — वज़न घटाना है तो कौन सा बेहतर है?

उबले आलू में 100 ग्राम पर 87 कैलोरी हैं, पके चावल में 130। बराबर कैलोरी देने पर आलू ने 38 खानों में सबसे ज़्यादा पेट भरा — पर ब्लड शुगर पर दोनों बराबर निकले।

देवेंद्र कुमार झा · 16 अगस्त 2026 · 10 मिनट
एक कटोरे में पका सफ़ेद चावल और दूसरे में उबले छोटे आलू — वज़न घटाने के लिए आलू और चावल की तुलना
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कहा जाता है कि वज़न घटाना हो तो आलू खाइए, और बढ़ाना हो तो चावल। बात काफ़ी हद तक सही है — पर वजह वह नहीं है जो आमतौर पर बताई जाती है।

आलू चर्बी नहीं जलाता। वह इतना करता है कि कम कैलोरी में पेट भर देता है। अमेरिकी कृषि विभाग के आँकड़ों में उबले आलू में 100 ग्राम पर 87 कैलोरी हैं, पके सफ़ेद चावल में 130।

87 बनाम 130
कैलोरी प्रति 100 ग्राम, पका हुआ
323 बनाम 138
बराबर कैलोरी पर पेट भरने का स्कोर
73 बनाम 73
ग्लाइसेमिक इंडेक्स — बराबरी

पर हिसाब एकतरफ़ा नहीं है। ब्लड शुगर पर दोनों बिलकुल बराबर निकले, और आलू को किस तरह पकाया गया — यह बात आलू-या-चावल के चुनाव से ज़्यादा फ़र्क़ डालती है।

पहले यह समझिए कि "पेट भरना" है क्या

इस पूरी बात के पीछे एक सीधा सा विचार है। कोई खाना कितनी देर तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है — बस इतना।

यह वज़न से क्यों जुड़ा है, यह भी सीधा है। कोई खाना जादू से वज़न नहीं घटाता। वज़न तब घटता है जब आप जितनी कैलोरी ख़र्च करते हैं उससे कम खाते हैं। तो असल सवाल यह नहीं कि कौन सा खाना "सेहतमंद" है। असल सवाल यह है कि सबसे कम कैलोरी में भूख कौन रोक देता है। 300 कैलोरी में पेट भर देने वाला खाना आपके लिए उससे ज़्यादा काम कर रहा है जो 500 कैलोरी के बाद भी भूखा छोड़ दे।

आलू के पक्ष में पूरी दलील बस इतनी है। चर्बी जलाना नहीं — प्रति कैलोरी पेट भरना।

38 खानों वाला वह अध्ययन

1995 में सिडनी विश्वविद्यालय की एक टीम ने जो अध्ययन किया, वह आज भी इस विषय पर सबसे ज़्यादा दोहराया जाने वाला काम है। यह यूरोपियन जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में होल्ट और उनके साथियों के नाम से छपा।

उन्होंने किया यह — 38 आम खाने लिए। हर एक की ठीक उतनी ही कैलोरी लोगों को खिलाई, हर बार 240। फिर हर पंद्रह मिनट पर, दो घंटे तक पूछा कि पेट कितना भरा लग रहा है।

सफ़ेद ब्रेड को पैमाना मानकर 100 अंक दिए गए। बाक़ी सबको उसी के मुक़ाबले नंबर मिले।

होल्ट व अन्य, 1995 · 38 खानों में सबसे ऊपर
323
उबले आलू का स्कोर। सफ़ेद चावल का 138, और सबसे नीचे क्रोसां का 47। हर खाने की 240 कैलोरी दी गई थी, इसलिए यह तुलना बराबर कैलोरी पर है।

बराबर कैलोरी वाली बात ही इसे जानने लायक़ बनाती है। ऐसा नहीं था कि लोगों ने आलू ज़्यादा खाया। उन्होंने उतनी ही कैलोरी का आलू खाया — और ज़्यादा भरा हुआ महसूस किया।

240 कैलोरी दिखती कैसी है

आलू में पानी ज़्यादा है, इसलिए 240 कैलोरी का आलू थाली में चावल से कहीं ज़्यादा दिखता है। हिसाब यह रहा:

कैलोरी बराबर, पर आलू की थाली में क़रीब 90 ग्राम ज़्यादा खाना। पेट को यह फ़र्क़ पता चलता है।

पूरा हिसाब, एक-एक लाइन

सारी तुलना एक जगह। हर लाइन पर फ़ैसला भी लिखा है, और आप देखेंगे कि सब एक तरफ़ नहीं जाता।

क्या नाप रहे हैंआलूचावलकिसके पक्ष में
कैलोरी, प्रति 100 ग्राम पका87130आलू
पेट भरना, बराबर कैलोरी पर323138आलू
ग्लाइसेमिक इंडेक्स, सादा पका7373बराबरी
प्रोटीन, प्रति 100 कैलोरी2.15 ग्राम2.07 ग्रामलगभग बराबर
तलने के बाद पेट भरना116138चावल
ज़्यादा मात्रा में खाना आसानमुश्किलआसानचावल

कैलोरी और पेट भरना आलू के नाम। वज़न बढ़ाने के काम की दोनों लाइनें चावल के नाम। ब्लड शुगर और प्रोटीन बराबरी पर। यह ईमानदार हिसाब है, और उस सुर्ख़ी से ज़्यादा काम का है जो कहे कि एक ही खाना सब कुछ जीत गया।

ब्लड शुगर पर दोनों बराबर हैं

आपने अक्सर पढ़ा होगा कि आलू ब्लड शुगर के लिए ख़राब है और चावल सुरक्षित रास्ता है। इस विषय के सबसे बड़े प्रकाशित संकलन में यह बात नहीं मिलती।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स यानी यह नंबर कि कोई खाना ब्लड शुगर कितनी तेज़ी से चढ़ाता है। ज़्यादा नंबर यानी ज़्यादा तेज़ी। 2021 में एटकिंसन और उनके साथियों ने अमेरिकन जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में 4,000 से ज़्यादा जाँचे गए खानों का संकलन छापा। उसमें उबले आलू का 73 है और सफ़ेद चावल का भी 73। बराबर। इस लाइन पर कोई नहीं जीतता।

दो बातें और जोड़ने लायक़ हैं, और वे अलग-अलग दिशा में जाती हैं। पूरे समूह के औसत में आलू के उत्पाद 71 पर बैठे और चावल के 67 पर — यानी पूरी श्रेणी देखें तो चावल थोड़ा बेहतर। पर उन्हीं तालिकाओं में एशिया में जाँचे गए चावल का औसत 74 निकला, जो सब क्षेत्रों में सबसे ऊपर है; यूरोप और उत्तरी अमेरिका में यह 60 से 65 के बीच रहा। यहाँ चावल अपने आप नरम विकल्प नहीं है।

जिन्हें शुगर की बीमारी है, उनके लिए यह जानकारी है — सलाह नहीं। डॉक्टर से पूछकर ही चलिए।

असली फ़र्क़ आलू बनाम चावल का नहीं, रसोई का है

यही वह बात है जिसने मुझे सबसे ज़्यादा चौंकाया, और इसी वजह से यह लेख लिखा गया।

उन्हीं 2021 की तालिकाओं में आलू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अलग-अलग पकाने के तरीक़ों पर दर्ज है। अलग क़िस्में नहीं — वही आलू, अलग तरीक़े से पकाया हुआ:

आलू कैसे पकाया गयाग्लाइसेमिक इंडेक्सकौन सी श्रेणी
पकाकर रात भर फ़्रिज में रखा49कम
उबला हुआ73ज़्यादा
मैश किया हुआ79ज़्यादा
पैकेट वाला इंस्टेंट मैश84ज़्यादा

दोनों सिरे फिर से पढ़िए। 49 से 84 — वही एक सब्ज़ी, उन्हीं तालिकाओं में। अब इसकी तुलना आलू-और-चावल के फ़ासले से कीजिए: 73 बनाम 73। कुछ भी नहीं।

तो जो चीज़ असल में नंबर हिलाती है, वह यह नहीं कि आप थाली में इन दोनों में से क्या रखते हैं। वह यह है कि रसोई में उसके साथ क्या करते हैं। आलू उबालकर रात भर फ़्रिज में रख दीजिए, वह ऊपरी श्रेणी से निचली श्रेणी में आ जाता है। पैकेट वाला मैश ले आइए, वह दूसरी तरफ़ चला जाता है।

एक बात जो हम नहीं जानते
चावल का आँकड़ा नहीं है
पकाकर ठंडा करने से चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी घटता है, यह आमतौर पर कहा जाता है। हो सकता है सही हो — पर 2021 की उन तालिकाओं में ठंडे किए आलू का आँकड़ा है, ठंडे किए चावल का नहीं। इसलिए हम यह नहीं कह सकते कि ठंडा करना आलू के लिए चावल से ज़्यादा फ़ायदेमंद है, और हम ऐसा इशारा भी नहीं करेंगे।

तलते ही सारा फ़ायदा ख़त्म

1995 के अध्ययन में सिर्फ़ उबला आलू नहीं जाँचा गया था। फ़्रेंच फ्राइज़ भी जाँचे गए थे।

उबले आलू का स्कोर 323। फ़्रेंच फ्राइज़ का 116 — सादी सफ़ेद ब्रेड से बस थोड़ा ऊपर, और सफ़ेद चावल के 138 से भी नीचे।

यह इसलिए मायने रखता है कि "आलू सबसे ज़्यादा पेट भरने वाला खाना है" यह बात ऐसे दोहराई जाती है जैसे आलू किसी भी रूप में हो, लागू हो। ऐसा नहीं है। पूरा फ़ायदा सादे उबले आलू का है। तल दीजिए, तो तेल की ढेर सारी कैलोरी जुड़ गईं और पेट भरने वाला वही गुण चला गया जिसके लिए आप उसे खा रहे थे।

इस लेख से अगर एक ही काम की बात लेनी हो, तो यही लीजिए।

आलू की क़िस्में, भंडारण और प्रोसेसिंग पर हम रोज़ काम करते हैं। मंडी भाव भी यहीं मिलते हैं।

आज का आलू भाव

वज़न बढ़ाना है तो चावल क्यों

ऊपर की सारी बात उल्टी दिशा में चलने लगती है जब लक्ष्य वज़न बढ़ाना हो।

अगर आपको दिन में 3,000 या उससे ज़्यादा कैलोरी खानी हैं, तो पेट भर जाना आपकी समस्या है, समाधान नहीं। आपको ऐसी कैलोरी चाहिए जो आसानी से अंदर चली जाए और अगले खाने से न रोके। हिसाब यह है:

यानी उतनी ही कैलोरी के लिए क़रीब 190 ग्राम ज़्यादा खाना — और यह दिन में कई बार करना है।

चावल में कैलोरी सघन है, वह पेट कम भरता है, और वज़न बढ़ाते समय आपको ठीक यही चाहिए। ऐसा नहीं है कि चावल मांसपेशी बनाता है और आलू नहीं। प्रोटीन प्रति कैलोरी दोनों में लगभग बराबर है, जैसा ऊपर की तालिका में दिखा। बात बस इतनी है कि कैलोरी अंदर पहुँचाना आसान रहता है।

दो बातें जो लोगों को अटपटी लगती हैं

भूरा चावल सफ़ेद चावल से ज़्यादा पेट नहीं भरता। 1995 के अध्ययन में सफ़ेद चावल का स्कोर 138 आया और भूरे चावल का 132 — यानी भूरा ज़रा सा नीचे। अंतर छोटा है और अध्ययन भी छोटा था, इसलिए ईमानदार निष्कर्ष यही है कि पेट भरने के मामले में दोनों लगभग बराबर हैं, न कि भूरा बेहतर है।

आलू में ज़्यादातर पानी है, और यही असल बात है। भारत की अपनी खाद्य संघटन तालिकाओं में — जो राष्ट्रीय पोषण संस्थान, हैदराबाद ने 2017 में छापीं — कच्चे आलू में हर 100 ग्राम पर क़रीब 81 ग्राम पानी है और 70 कैलोरी। मिल किया कच्चा चावल क़रीब 356 कैलोरी प्रति 100 ग्राम पर बैठता है। इस तुलना में कच्चा चावल पाँच गुना भारी लगता है, पर यह भ्रम है — चावल पकते समय पानी सोखता है, इसीलिए पका चावल घटकर 130 पर आ जाता है। सही तुलना हमेशा पके का पके से है। पर पानी असली है, और थाली भर आलू आपका पेट क्यों भर देता है, उसमें इसका बड़ा हिस्सा है।

इन आँकड़ों की सीमाएँ

मैं चाहूँगा कि आप यह भी जानें कि ये आँकड़े कहाँ कमज़ोर हैं।

आख़िरी बात

वज़न घटाना है: उबला या भाप में पका आलू, तला हुआ नहीं — यह सचमुच अच्छा चुनाव है, और इसके पीछे का सबूत ज़्यादातर डाइट सलाह से मज़बूत है। रात भर ठंडा करके अगले दिन खाना ब्लड शुगर के लिहाज़ से मुफ़्त का सुधार है।

वज़न बढ़ाना है: चावल से काम आसान रहेगा, सिर्फ़ इसलिए कि पेट भरने से पहले आप उसे ज़्यादा खा पाते हैं।

दोनों हाल में, खाना अकेले काम नहीं कर रहा। नतीजा कुल कैलोरी से ही तय होता है। आलू इतना करता है कि कम कैलोरी खाना कम तकलीफ़देह बना देता है — और महीनों के हिसाब में यह छोटी बात नहीं है।

आगे की बात
आलू पर भरोसे लायक़ आँकड़े चाहिए?

मंडी भाव, उत्पादन, प्रोसेसिंग और व्यापार — हर आँकड़ा सरकारी या पीयर-रिव्यूड स्रोत से जाँचकर, सीधी भाषा में। जो पूछना हो, सीधे लिखिए।

आगे पढ़िए: भारत हर हफ़्ते फ्रेंच फ्राइज़ खाने लगे तो क्या होगा · अनुसंधान की और ख़बरें

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या वज़न घटाने के लिए आलू खाना ठीक है?
हाँ, बशर्ते वह उबला या भाप में पका हो, तला हुआ नहीं। अमेरिकी कृषि विभाग के आँकड़ों में उबले आलू में 100 ग्राम पर 87 कैलोरी हैं। 1995 के एक अध्ययन में, जब 38 खानों की बराबर कैलोरी लोगों को दी गई, तो आलू ने सबसे ज़्यादा पेट भरा। कम कैलोरी और ज़्यादा पेट भरना — यही दोनों बातें काम आती हैं। आलू ख़ुद चर्बी नहीं जलाता, और तलते ही यह फ़ायदा ख़त्म हो जाता है।
आलू और चावल में पेट कौन ज़्यादा भरता है?
आलू, और अंतर बड़ा है। 1995 के उस अध्ययन में हर खाने की ठीक 240 कैलोरी दी गई थी। सफ़ेद ब्रेड को 100 मानकर उबले आलू का स्कोर 323 आया, जो सभी 38 खानों में सबसे ऊपर था। सफ़ेद चावल का 138। एक वजह मात्रा भी है — 240 कैलोरी का मतलब है क़रीब 276 ग्राम उबला आलू, पर सिर्फ़ 185 ग्राम पका चावल। यानी उतनी ही कैलोरी में थाली बड़ी दिखती है।
क्या आलू चावल से ज़्यादा ब्लड शुगर बढ़ाता है?
सादा पकाने पर नहीं। 2021 में छपी अंतरराष्ट्रीय ग्लाइसेमिक इंडेक्स तालिकाओं में उबले आलू का इंडेक्स 73 है और सफ़ेद चावल का भी 73 — बिलकुल बराबर। पूरे समूह के औसत में चावल थोड़ा नीचे बैठता है, 67 बनाम आलू का 71। पर उन्हीं तालिकाओं में एशिया में जाँचे गए चावल का औसत 74 निकला, जो सब क्षेत्रों में सबसे ऊपर है। जिन्हें शुगर की बीमारी है, वे इसे जानकारी की तरह पढ़ें और अपने डॉक्टर की सलाह पर ही चलें।
उबले आलू को ठंडा करने से क्या सचमुच ग्लाइसेमिक इंडेक्स घटता है?
हाँ। उन्हीं 2021 की तालिकाओं में रात भर फ़्रिज में रखे पके आलू का औसत इंडेक्स 49 दर्ज है, जबकि ताज़े उबले आलू का 73। 55 या उससे नीचे को कम और 70 या उससे ऊपर को ज़्यादा माना जाता है, यानी आलू निचली श्रेणी में चला जाता है। पकाने का तरीक़ा आलू-बनाम-चावल के चुनाव से ज़्यादा फ़र्क़ डालता है — उन्हीं तालिकाओं में पैकेट वाले इंस्टेंट मैश का 84 है और सादे मैश का 79।
क्या तले हुए आलू भी उतना ही पेट भरते हैं?
नहीं, और फ़र्क़ बहुत बड़ा है। 1995 के अध्ययन में उबले आलू का स्कोर 323 था और फ़्रेंच फ्राइज़ का सिर्फ़ 116 — सफ़ेद ब्रेड के 100 से बस थोड़ा ऊपर, और सफ़ेद चावल के 138 से भी नीचे। तलने से तेल की काफ़ी कैलोरी जुड़ जाती है और पेट भरने वाला वही गुण चला जाता है जिसके लिए आलू खाया जा रहा था। इसलिए 'आलू सबसे ज़्यादा पेट भरने वाला खाना है' यह बात सिर्फ़ उबले आलू पर लागू होती है।
वज़न बढ़ाना हो तो चावल बेहतर क्यों है?
क्योंकि उसमें कैलोरी सघन है और वह पेट कम भरता है — दोनों बातें वज़न बढ़ाते समय काम की हैं। पके चावल में 100 ग्राम पर 130 कैलोरी हैं और उबले आलू में 87। 500 कैलोरी पूरी करने के लिए क़रीब 385 ग्राम चावल खाना होगा, पर आलू क़रीब 575 ग्राम। प्रोटीन प्रति कैलोरी लगभग बराबर है — चावल में प्रति 100 कैलोरी 2.07 ग्राम और आलू में 2.15 ग्राम। यानी फ़ायदा सिर्फ़ इतना है कि कैलोरी अंदर पहुँचाना आसान रहता है।
आलू पोषणवज़न घटानाग्लाइसेमिक इंडेक्सआलू बनाम चावलउबला आलू
लेखक के बारे में
देवेंद्र कुमार झा
देवेंद्र कुमार झा
आलू उद्योग इंटेलिजेंस विशेषज्ञ

इंडियन पोटैटो के संस्थापक एवं निदेशक — आलू पर भरोसेमंद जानकारी (पोटैटो इंटेलिजेंस) और आलू से जुड़े हितधारकों का समुदाय खड़ा करने को समर्पित मंच। कृषि अभियांत्रिकी में बी.टेक; आलू के क्षेत्र के जानकार और इसके प्रति गहरा लगाव रखने वाले।

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