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अनुसंधान · हिमाचल प्रदेश

ICAR-CPRI शिमला के अंदर: भारत के आलू शोध की 15 प्रयोगशालाएँ

ICAR-CPRI शिमला की 15 विशेषीकृत प्रयोगशालाओं का दौरा — जर्मप्लाज़्म संरक्षण और जीनोमिक्स से लेकर रोग-निदान, पर्यावरण विज्ञान और प्रसंस्करण अनुसंधान तक।

दीपक नेगी · 31 जुलाई 2026 · 4 मिनट
ICAR-CPRI शिमला — संस्थान की 15 आलू शोध प्रयोगशालाएँ
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ICAR-CPRI शिमला — भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान — आलू विज्ञान की पूरी रिसर्च शृंखला को कवर करने वाली 15 विशेषीकृत प्रयोगशालाएँ चलाता है: जर्मप्लाज़्म संरक्षण, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी व जीनोमिक्स, रोग-निदान, पर्यावरण व मृदा विश्लेषण, और पोस्ट-हार्वेस्ट प्रसंस्करण। इनमें से कई सरकार-अधिसूचित या राष्ट्रीय स्तर पर नामित फ़ैसिलिटी हैं — जिनमें आलू रोपण सामग्री के लिए एक एक्रेडिटेड टेस्ट लैबोरेटरी और आलू के लिए नेशनल एक्टिव जर्मप्लाज़्म साइट शामिल हैं।

15
प्रयोगशालाएँ
1956
संस्थान स्थापना वर्ष
6
माइक्रोप्रोपेगेशन स्थल
Partners
Economode Food Equipment — potato processing systems

क्यों एक संस्थान 15 लैब चलाता है

आलू शोध एक पूरी शृंखला में चलता है, किसी एक विषय में नहीं: कोई नई क़िस्म जर्मप्लाज़्म बैंक से शुरू होती है, मॉलिक्यूलर लक्षण-वर्णन और रोग-स्क्रीनिंग से गुज़रती है, सर्टिफ़ाइड रोपण सामग्री के रूप में गुणित होती है, और किसान के खेत तक पहुँचने से पहले प्रसंस्करण व भंडारण गुणवत्ता के लिए परखी जाती है। ICAR-CPRI शिमला का प्रयोगशाला नेटवर्क इस शृंखला के हर चरण को किसी एक क़दम को बाहर आउटसोर्स करने के बजाय, इन-हाउस कवर करने के लिए बना है।

क्लस्टरप्रयोगशालाएँफोकस
जेनेटिक्स, ब्रीडिंग व सेल साइंस4जर्मप्लाज़्म, जीनोमिक्स, सेल बायोलॉजी
डायग्नोस्टिक्स, पैथोलॉजी व इमेजिंग4रोग-निदान, वायरस, लेट ब्लाइट स्क्रीनिंग
पर्यावरण व विश्लेषणात्मक विज्ञान4मृदा, रिमोट सेंसिंग, बायोकेमिकल विश्लेषण
उत्पादन, भंडारण व प्रसंस्करण अवसंरचना3माइक्रोप्रोपेगेशन, मिनी-प्रोसेसिंग, स्टोरेज रिसर्च

जेनेटिक्स, ब्रीडिंग व सेल साइंस

डायग्नोस्टिक्स, पैथोलॉजी व इमेजिंग

डायग्नोस्टिक लैब की मान्यता
एक्रेडिटेड टेस्ट लैबोरेटरी
सरकार-अधिसूचित यह मान्यता आलू माइक्रोप्लांट्स और मिनीट्यूबर्स के परीक्षण-प्रमाणन के लिए है — बीज-सर्टिफिकेशन में दाख़िल होने वाली रोपण सामग्री की पहली गुणवत्ता-जाँच चौकी।

पर्यावरण व विश्लेषणात्मक विज्ञान

उत्पादन, भंडारण व प्रसंस्करण अवसंरचना

यह अवसंरचना असल में किसके काम आती है

यह प्रयोगशाला नेटवर्क सिर्फ़ अकादमिक नहीं है — भारत के आलू उद्योग के कई हिस्से सीधे इसी पर निर्भर हैं। बीज-प्रमाणीकरण एजेंसियाँ और ब्रीडर-सीड उत्पादक रोपण सामग्री को रोग-मुक्त प्रमाणित करने के लिए डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी की सरकारी मान्यता पर निर्भर करते हैं। क्षेत्रीय बीज-गुणन कार्यक्रम अलग-अलग एग्रो-क्लाइमेटिक ज़ोन में सर्टिफ़ाइड रोपण सामग्री पहुँचाने के लिए छह-स्थलों वाले माइक्रोप्रोपेगेशन फ़ैसिलिटी नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। ब्रीडर किसी उपयोगी गुण की पहचान और नई क़िस्म जारी करने के बीच का समय घटाने के लिए जर्मप्लाज़्म रिपॉज़िटरी और जीनोमिक्स लैबोरेटरी को साथ इस्तेमाल करते हैं। और प्रोसेसर किसी क़िस्म की चिप्स या फ्राइज़ के लिए उपयुक्तता जाँचने के लिए मिनी-प्रोसेसिंग प्लांट में हुए काम का हवाला दे सकते हैं।

जिस उद्योग में बीज स्टॉक में एक ही रोग-प्रकोप पूरा सीज़न बर्बाद कर सकता है, वहाँ मान्यता-प्राप्त, इन-हाउस डायग्नोस्टिक और स्क्रीनिंग अवसंरचना — सिर्फ़ बाहरी लैब पर निर्भर रहने के बजाय — एक ढाँचागत बढ़त है, जो ज़्यादातर दूसरे निर्यातक देशों के आलू कार्यक्रम इस पैमाने पर नहीं रखते।

बीज प्रणाली और नई क़िस्मों पर अन्य कवरेज के लिए कुफरी अभेद्य और कुफरी रूबी की नई अधिसूचना देखें, और ICAR-CPRI मोदीपुरम में आलू नीलामी पढ़ें। ज़्यादा शोध कवरेज के लिए अनुसंधान श्रेणी देखें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ICAR-CPRI शिमला कितनी प्रयोगशालाएँ चलाता है?
ICAR-CPRI शिमला 15 विशेषीकृत प्रयोगशालाएँ चलाता है, जो जेनेटिक्स-ब्रीडिंग रिसर्च, रोग-निदान व पैथोलॉजी, पर्यावरण व विश्लेषणात्मक विज्ञान, और उत्पादन-भंडारण-प्रसंस्करण अवसंरचना को कवर करती हैं।
ICAR-CPRI की डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी किसके लिए मान्यता-प्राप्त है?
ICAR-CPRI की डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी आलू माइक्रोप्लांट्स और मिनीट्यूबर्स के लिए सरकार-अधिसूचित 'एक्रेडिटेड टेस्ट लैबोरेटरी' है — यानी यह इन रूपों की रोपण सामग्री को रोग-स्थिति के लिए आधिकारिक रूप से परखने और प्रमाणित करने के लिए अधिकृत है।
ICAR-CPRI की माइक्रोप्रोपेगेशन फ़ैसिलिटी कहाँ-कहाँ स्थित हैं?
ICAR-CPRI की माइक्रोप्रोपेगेशन फ़ैसिलिटी छह स्थानों — मोदीपुरम, जालंधर, पटना, शिमला, शिलांग और ऊटी — में काम करती है, जिससे रोग-मुक्त रोपण सामग्री देश के अलग-अलग एग्रो-क्लाइमेटिक ज़ोन में गुणित की जा सकती है।
ICAR-CPRI की नेशनल जर्मप्लाज़्म रिपॉज़िटरी क्या काम करती है?
इसे आलू के लिए नेशनल एक्टिव जर्मप्लाज़्म साइट घोषित किया गया है — यह संस्थान का जीवंत जीन बैंक है, जो राष्ट्रीय ब्रीडिंग कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाली आलू की आनुवंशिक विविधता को संरक्षित रखता है।
ICAR-CPRI लेट ब्लाइट प्रतिरोध के लिए आलू क़िस्मों की जाँच कैसे करता है?
ICAR-CPRI की लेट ब्लाइट स्क्रीनिंग फ़ैसिलिटी नियंत्रित संक्रमण स्थितियों में ब्रीडिंग लाइनों को प्रतिरोध के लिए परखती है, यह आकलन करते हुए कि किसी क़िस्म को आगे बढ़ाया जाए या जारी किया जाए, इससे पहले अलग-अलग लाइनें कैसा प्रतिसाद देती हैं।
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दीपक नेगी
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