बिहार लेडी रोसेटा आलू विस्तार योजना
बिहार सरकार की लेडी रोसेटा आलू विस्तार योजना — प्रसंस्करण-गुणवत्ता आलू पर 75% सब्सिडी (₹93,863/हेक्टेयर)। 17 जिलों में लागू, ₹4.88 करोड़ बजट।

तुरंत जवाब
Bihar Lady Rosetta Vistar Yojana बिहार सरकार की processing-केंद्रित प्रमुख योजना — 17 ज़िलों में Lady Rosetta किस्म पर ₹93,863/हेक्टेयर (75%) सब्सिडी। PepsiCo, Balaji, ITC, McCain के साथ contract farming से किसानों को guaranteed buy-back। ज़िले: नालंदा, वैशाली, पटना, बेगूसराय, समस्तीपुर, मुज़फ़्फ़रपुर, सारन, पूर्वी चंपारण आदि। 2024 में लॉन्च — 38 ज़िलों तक विस्तार का लक्ष्य।
लेडी रोसेटा विस्तार योजना — परिचय
बिहार सरकार ने 3 सितंबर 2025 को उपमुख्यमंत्री और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा लेडी रोसेटा आलू क्षेत्र विस्तार योजना की घोषणा की। यह प्रसंस्करण-गुणवत्ता किस्मों को बढ़ावा देने की पहली व्यवस्थित पहल है।
मुख्य तथ्य: किसानों को 75% सब्सिडी (₹93,863/हेक्टेयर)। बजट ₹4.88 करोड़ (2025-26)। बागवानी विभाग, बिहार द्वारा कार्यान्वित।
योजना विवरण
- सब्सिडी: कुल लागत का 75% = ₹93,863/हेक्टेयर
- कुल लागत: ₹1,25,150/हेक्टेयर
- किसान का हिस्सा: केवल ₹31,287/हेक्टेयर (25%)
- बीज: 30 क्विंटल/हेक्टेयर, अधिकतम ₹4,000/क्विंटल
- भूमि: 0.10 हेक्टेयर (0.25 एकड़) से 2.0 हेक्टेयर (5 एकड़)
- बुआई: रबी — अक्टूबर अंत/नवंबर शुरू
सब्सिडी वितरण — दो किस्तों में
- पहली किस्त: ₹70,397 — इनपुट खरीद के लिए
- दूसरी किस्त: ₹23,466 — खेत निरीक्षण और सत्यापन के बाद
17 लक्षित जिले
दक्षिण बिहार: औरंगाबाद, गया, नालंदा, नवादा, पटना, शेखपुरा
उत्तर बिहार: बाँका, बेगूसराय, भागलपुर, गोपालगंज, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, समस्तीपुर, सारण, सीवान, वैशाली
7 प्राथमिकता जिले (150 हे. लक्ष्य): औरंगाबाद, गया, पटना, नालंदा, सारण, समस्तीपुर, वैशाली
लेडी रोसेटा किस्म — क्यों खास?
- उपयोग: चिप्स और फ्रेंच फ्राइज़ के लिए आदर्श
- उपज: 25-35 टन/हेक्टेयर
- बाज़ार मूल्य: सामान्य किस्मों से 15-25% अधिक दाम
- बीज: टिशू कल्चर-व्युत्पन्न ब्रीडर सीड (G-3)
- वितरण: जिला सहायक निदेशक (बागवानी) द्वारा
आवेदन
वेबसाइट: horticulture.bihar.gov.in या Bihar Agriculture App
अपेक्षित आय
- निवेश: ₹31,287/हेक्टेयर (सब्सिडी के बाद)
- सकल आय: ₹1,50,000-2,10,000/हेक्टेयर
- शुद्ध लाभ: ₹1,18,000-1,78,000/हेक्टेयर
- ROI: निवेश पर 4-6 गुना रिटर्न
बिहार में प्रसंस्करण अवसर
बिहार में 82+ लाख टन उत्पादन लेकिन 1% से कम प्रसंस्कृत। चिप्स, फ्रोजन फ्राइज़, स्टार्च, फ्लेक्स — पूरी मूल्य श्रृंखला खुली है। अन्य प्रसंस्करण किस्में: कुफरी चिप्सोना-1, कुफरी चिप्सोना-3, कुफरी फ्राइसोना।
स्रोत: बागवानी विभाग, बिहार सरकार | PotatoPro (Jan 2026) | Global Agriculture (Sep 2025) | indianpotato.com


