मंगलवार, 21 जुलाई 2026हिन्दी · English
INDIAN POTATO
वित्त एवं निवेश

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) — ब्याज दर, ऋण सीमा, पात्रता और आवेदन की पूरी जानकारी

आलू जैसी लागत-गहन फसल के लिए सस्ता कर्ज़ — किसान क्रेडिट कार्ड की प्रभावी 4% ब्याज दर, ₹5 लाख तक की सीमा, बिना गारंटी ₹2 लाख, पात्रता और आवेदन की पूरी जानकारी।

अरुण मेहता · 13 जून 2026 · 3 मिनट
किसान क्रेडिट कार्ड — आलू किसानों के लिए सस्ता कृषि ऋण

आलू जैसी लागत-गहन फसल में सबसे बड़ी अड़चन समय पर पूँजी की होती है — प्रमाणित बीज महँगा है, और खाद व अन्य लागत भी बोवाई के समय एकमुश्त चाहिए। यहीं किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) काम आता है। 1998 में नाबार्ड द्वारा शुरू की गई यह योजना किसानों को खेती और संबद्ध कामों के लिए एक लचीली, घूमती हुई (revolving) ऋण-सीमा देती है, जिससे वे ज़रूरत के मुताबिक़ पैसा निकाल सकें। सरकारी आँकड़ों के अनुसार देश में 7.72 करोड़ से अधिक सक्रिय KCC धारक हैं।

इसकी असली ताक़त इसकी ब्याज दर और शर्तों में है, जिन्हें समझना हर किसान के लिए फ़ायदेमंद है।

ब्याज और कर्ज़ की सीमा

संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना (MISS) के तहत KCC पर अल्पकालिक फ़सल ऋण 7% ब्याज दर पर मिलता है, जिसमें बैंकों को 1.5% ब्याज सब्सिडी दी जाती है। इसके ऊपर, समय पर चुकौती करने वाले किसान को 3% का प्रोत्साहन (Prompt Repayment Incentive) मिलता है — यानी प्रभावी ब्याज दर घटकर सिर्फ़ 4% रह जाती है। केंद्रीय बजट 2025-26 में इस रियायती ब्याज की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख प्रति किसान कर दी गई।

सबसे बड़ा फ़ायदा
प्रभावी ब्याज दर सिर्फ़ 4%
KCC ऋण 7% ब्याज पर मिलता है, पर समय पर चुकौती करने वाले किसान को 3% प्रोत्साहन घटाकर प्रभावी दर केवल 4% पड़ती है — साथ ही 1 जनवरी 2025 से ₹2 लाख तक का ऋण बिना किसी गारंटी के मिलता है।

ऋण की सीमा फसल और जोत के क्षेत्रफल के आधार पर "स्केल ऑफ़ फाइनेंस" से तय होती है। एक बड़ी राहत यह है कि बिना गारंटी (कोलैटरल-फ्री) ऋण की सीमा 1 जनवरी 2025 से ₹1.6 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख कर दी गई है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए औपचारिक कर्ज़ आसान हुआ है। न्यूनतम सीमा ₹25,000 है, और कार्ड आम तौर पर पाँच साल के लिए वैध रहता है, जिसमें हर साल सीमा में लगभग 10% की वृद्धि होती है।

आलू किसान के लिए यह क्यों ज़रूरी है

आलू की खेती में बीज और खाद की एकमुश्त लागत ऊँची होती है, इसलिए KCC की घूमती ऋण-सीमा इसके लिए ख़ासतौर पर उपयोगी है — किसान बोवाई के समय इनपुट ख़रीदने के लिए पैसा निकाल सकते हैं और फसल बिकने पर लौटा सकते हैं। साहूकारों के ऊँचे ब्याज की तुलना में 4% की प्रभावी दर कर्ज़ के बोझ को बहुत हल्का कर देती है, जिससे फसल का असली मुनाफ़ा किसान के पास रहता है।

कौन पात्र है

अपनी ज़मीन पर खेती करने वाले किसान तो पात्र हैं ही, बटाईदार, मौखिक पट्टेदार और किरायेदार किसान भी स्व-घोषणा के आधार पर — बिना औपचारिक ज़मीन-दस्तावेज़ के — आवेदन कर सकते हैं। 4 से 10 भूमिहीन किसानों के संयुक्त देयता समूह (JLG) भी पात्र हैं। पीएम-किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को KCC जारी करने में प्राथमिकता दी जाती है, और बैंकों को ऐसे लाभार्थियों को कार्ड देने के स्पष्ट निर्देश हैं।

आवेदन कैसे करें

KCC के लिए किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक या PACS में आवेदन किया जा सकता है; कई बैंक ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी देते हैं। आवेदन के साथ आधार, ज़मीन के दस्तावेज़ या स्व-घोषणा और पासपोर्ट आकार के फ़ोटो लगते हैं। बैंक फसल और क्षेत्रफल के आधार पर ऋण-सीमा तय कर RuPay डेबिट कार्ड जारी करता है, जिससे किसान सीधे लेन-देन कर सकते हैं।

ध्यान रखने योग्य बातें

4% की प्रभावी दर का सबसे बड़ा शर्त समय पर चुकौती है — देर होने पर 3% प्रोत्साहन छूट जाता है और ब्याज बढ़ जाता है। चूँकि यह घूमती ऋण-सीमा है, ज़रूरत के मुताबिक़ ही निकालें और फसल आने पर लौटाएँ, ताकि ब्याज कम रहे। ऋण-सीमा की हर साल समीक्षा होती है, और KCC के साथ फसल बीमा जैसी सुविधाएँ भी जुड़ सकती हैं। नई सीमाओं और शर्तों की पुष्टि के लिए अपने बैंक से ताज़ा जानकारी ज़रूर लें।

साथी किसानों और व्यापारियों से जुड़ेंव्हाट्सऐप ग्रुप पर आलू भाव, मौसम और बाज़ार पर खुलकर चर्चा करें।
ग्रुप जॉइन करें →

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर कितनी है?
संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना (MISS) के तहत अल्पकालिक फ़सल ऋण 7% ब्याज पर मिलता है। समय पर चुकौती करने वाले किसान को 3% प्रोत्साहन (PRI) मिलता है, जिससे प्रभावी ब्याज दर घटकर केवल 4% रह जाती है।
KCC पर कितना ऋण मिल सकता है?
ऋण सीमा फसल और जोत के क्षेत्रफल के हिसाब (स्केल ऑफ़ फाइनेंस) पर तय होती है। केंद्रीय बजट 2025-26 में ब्याज सब्सिडी की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख प्रति किसान कर दी गई। बिना गारंटी (कोलैटरल-फ्री) ऋण की सीमा 1 जनवरी 2025 से ₹1.6 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख कर दी गई है।
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए कौन पात्र है?
अपनी ज़मीन पर खेती करने वाले किसान, और बटाईदार, मौखिक पट्टेदार व किरायेदार किसान भी (स्व-घोषणा के आधार पर) पात्र हैं। 4–10 भूमिहीन किसानों के संयुक्त देयता समूह (JLG) भी पात्र हैं, और पीएम-किसान लाभार्थियों को प्राथमिकता मिलती है।
KCC के लिए आवेदन कैसे करें?
किसी भी बैंक (सार्वजनिक/ग्रामीण/सहकारी बैंक या PACS) में या बैंक के ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए आवेदन किया जा सकता है। आधार, ज़मीन के दस्तावेज़ या स्व-घोषणा और फ़ोटो के साथ फ़ॉर्म भरें; बैंक सीमा तय कर RuPay कार्ड जारी करता है।
किसान क्रेडिट कार्डKCCकृषि ऋणवित्तब्याज सब्सिडी
लेखक के बारे में
अर
अरुण मेहता
संवाददाता

मंडी, व्यापार एवं नीति

और पढ़ें

सभी वित्त एवं निवेश लेख →
कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी योजना — सरकारी सहायता की जानकारीवित्त एवं निवेशकोल्ड स्टोरेज सब्सिडी योजना — कौन-सी योजना, कितनी सब्सिडी और आवेदन कैसे करें13 जून 2026कुफरी अभेद्य (पीला छिलका) और कुफरी रूबी (गुलाबी छिलका) आलू — भारत सरकार द्वारा अधिसूचित दो नई ICAR-CPRI किस्मेंबीज प्रणालीभारत ने दो नई आलू किस्में अधिसूचित कीं — कुफरी अभेद्य और कुफरी रूबी20 जुलाई 2026Potato Peel Waste — Valorization & India's OpportunityEN · Englishहमारी अंग्रेज़ी साइटPotato Peel Waste — Valorization & India's Opportunityindianpotato.com →EN · Englishसाझेदार ज्ञानकोशWhy 95% of Kenyan Farmers Plant Uncertified Seedpotatopedia.com →