क्या बैंगनी आलू ज़्यादा सेहतमंद है? 4 स्टडी क्या कहती हैं
बैंगनी आलू में सफ़ेद आलू से करीब 3 गुना पॉलीफ़ेनॉल। छोटी स्टडी में ब्लड प्रेशर 4–5 mm घटा; GI 77 बनाम 93, पर फ़र्क पक्का नहीं। भारत की 2 बैंगनी किस्में।

सीधा जवाब: बैंगनी आलू सफ़ेद आलू से थोड़ा ज़्यादा सेहतमंद है, पर सबूत अभी कम हैं। कनाडा की एक जाँच में इसमें करीब 3 गुना पॉलीफ़ेनॉल मिले। छोटी स्टडी में इसे खाने से ब्लड प्रेशर 4 से 5 mm घटा। इसका GI 77 आया और सफ़ेद आलू का 93, पर यह फ़र्क पक्का नहीं निकला।
आलू बैंगनी क्यों होता है?
रंग एंथोसायनिन से आता है। यह पौधों का एक रंग है जो एंटीऑक्सीडेंट का काम भी करता है। यही चीज़ जामुन, काले अंगूर और ब्लूबेरी को रंग देती है। जब कंद में यह रंग बनाने वाले जीन काम करते हैं, तो आलू बैंगनी हो जाता है।
बैंगनी आलू दो तरह के होते हैं, और यह फ़र्क बहुत काम का है:
- छिलका बैंगनी, गूदा हल्का: रंग सिर्फ़ छिलके में है। छीलते ही ज़्यादातर एंथोसायनिन छिलके के साथ चला जाता है। भारत में इसकी मिसाल है कुफ़री नीलकंठ।
- छिलका भी बैंगनी, गूदा भी बैंगनी: रंग पूरे आलू में है, इसलिए छीलने और काटने के बाद भी बचा रहता है। भारत में इसकी मिसाल है कुफ़री जमुनिया।
क्या बैंगनी आलू सफ़ेद आलू से बेहतर है?
बनावट के हिसाब से हाँ। कनाडा के कृषि विभाग (Agriculture and Agri-Food Canada) ने चार आलू छिलके समेत पकाकर जाँचे। बैंगनी आलू में सफ़ेद से करीब 3 गुना पॉलीफ़ेनॉल निकले।
| आलू (जाँची गई किस्म) | पॉलीफ़ेनॉल, mg GAE प्रति 100 ग्राम सूखा हिस्सा | ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) |
|---|---|---|
| बैंगनी (Purple Majesty) | 234 | 77 |
| लाल (Red-Y38) | 190 | 78 |
| पीला (Yukon Gold) | 108 | 81 |
| सफ़ेद (Snowden) | 82 | 93 |
ग्लूकोज़ = 100। 9 सेहतमंद लोग, आलू ओवन में छिलके समेत पके, हर हिस्से में 50 ग्राम कार्बोहाइड्रेट। चारों आलू के GI का फ़र्क पक्का (statistically significant) नहीं था।
पर किसी चीज़ में क्या है, और खाने पर शरीर में क्या होता है, ये दो अलग बातें हैं। इंसानों पर अब तक बस कुछ ही स्टडी हुई हैं।
इंसानों पर हुई 4 स्टडी में क्या निकला?
1. ब्लड प्रेशर (अमेरिका, University of Scranton, 2012): हाई BP वाले 18 लोगों ने 4 हफ़्ते तक दिन में दो बार 6 से 8 छोटे बैंगनी आलू खाए, माइक्रोवेव में छिलके समेत पके। फिर 4 हफ़्ते आलू नहीं खाए। आलू वाले दिनों में नीचे वाला BP 4.3% (4 mm) और ऊपर वाला 3.5% (5 mm) घटा। 18 में से 14 लोग पहले से BP की दवा ले रहे थे। वज़न, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और HbA1c में ख़ास बदलाव नहीं आया।
2. सेल डैमेज (अमेरिका, Washington State University, 2011): 18 से 40 साल के सेहतमंद आदमियों ने 6 हफ़्ते तक रोज़ 150 ग्राम पका आलू खाया: सफ़ेद, पीला या बैंगनी (हर ग्रुप में 12 लोग)। पीले और बैंगनी आलू वालों में DNA डैमेज का मार्कर (8-OHdG) सफ़ेद आलू वालों से कम रहा। सूजन (inflammation) के मार्कर में कमी बस हल्की दिखी, पक्की नहीं।
3. ब्लड शुगर (फ़िनलैंड, University of Turku, 2020): 17 सेहतमंद आदमियों ने पीला आलू खाया, कभी बैंगनी आलू के एक्सट्रैक्ट के साथ (152 mg एंथोसायनिन), कभी बिना। एक्सट्रैक्ट के साथ अगले दो घंटे में शुगर और इंसुलिन कम बढ़े। पर यह एक्सट्रैक्ट था, थाली में रखा बैंगनी आलू नहीं।
4. ग्लाइसेमिक इंडेक्स (कनाडा, 2014): ऊपर वाली टेबल की स्टडी। बैंगनी का GI सबसे कम और सफ़ेद का सबसे ज़्यादा आया, और जितना ज़्यादा पॉलीफ़ेनॉल, उतना कम GI। पर सिर्फ़ 9 लोग थे, और चारों आलू की शुगर कर्व में पक्का फ़र्क नहीं निकला।
चारों स्टडी एक ही दिशा दिखाती हैं: सफ़ेद की जगह बैंगनी आलू खाना छोटा सा अच्छा कदम है। पर कोई भी स्टडी इतनी बड़ी नहीं कि बैंगनी आलू को दवा कहा जाए। डायबिटीज़ या BP में डॉक्टर की सलाह ही चलेगी। आलू और शुगर पर और जानकारी हमारी इंग्लिश गाइड में है।
पकाने से रंग और फ़ायदा कितना बचता है?
कुछ न कुछ हमेशा घटता है। चीन की Zhejiang University ने बैंगनी गूदे वाले आलू 7 तरीकों से पकाए। कच्चे आलू के मुकाबले एंथोसायनिन 7.45% से 83.15% तक और विटामिन C 23.59% से 90.42% तक घटा।
सीधा नियम: बैंगनी आलू छिलके समेत भाप में, माइक्रोवेव में या उबालकर पकाएँ। देर तक तेज़ आँच पर भूनने से बचें। अगर किस्म का सिर्फ़ छिलका बैंगनी है, तो छिलका न उतारें, वरना रंग कूड़े में जाएगा।
भारत में कौन सी बैंगनी किस्में हैं?
ICAR-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (CPRI), शिमला ने उत्तर भारत के मैदानों के लिए दो बैंगनी किस्में बनाई हैं। दोनों मध्यम अवधि में पकती हैं।
| कुफ़री नीलकंठ | कुफ़री जमुनिया | |
|---|---|---|
| छिलका / गूदा | गहरा बैंगनी-काला / क्रीम | गहरा बैंगनी / बैंगनी; लंबे कंद, उथली आँखें |
| पैदावार | 35–38 टन/हे. | 32–35 टन/हे. |
| सूखा हिस्सा (dry matter) | 18% | 17–19% |
| भंडारण | अच्छा | बहुत अच्छा; सुप्तावस्था 6–8 हफ़्ते |
| एंटीऑक्सीडेंट | एंथोसायनिन 100 µg से ज़्यादा, कैरोटीनॉयड करीब 200 µg (प्रति 100 ग्राम ताज़ा आलू) | एंथोसायनिन पूरे गूदे में |
| कहाँ के लिए | पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के मैदान, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ | उत्तरी, मध्य और पूर्वी मैदान |
| ध्यान दें | — | पछेती झुलसा: लैब में मध्यम प्रतिरोधी, खेत में संवेदनशील |
नीलकंठ की पैदावार थोड़ी ज़्यादा है, जमुनिया का रंग छीलने के बाद भी बचता है। जमुनिया की खेती, बीज और बाज़ार की पूरी जानकारी कुफ़री जमुनिया वाली पोस्ट में है, और इसका रेट और ख़रीदने का तरीका यहाँ। दूसरी किस्मों में विटामिन C कितना है, यह इस पोस्ट में देखें। आलू पर और रिसर्च की ख़बरें रिसर्च सेक्शन में हैं।
बैंगनी आलू का अभी मंडी में कोई रेट नहीं है। ये बड़े शहरों के स्पेशल और ऑर्गेनिक स्टोर में और सीधे किसानों से बिकते हैं। बीज या खाने वाला बैंगनी आलू चाहिए तो इंडियन पोटैटो से WhatsApp (+91 94996 68498) पर ज़िला और मात्रा लिखकर पूछें।
फ़ोटो: Forest and Kim Starr, CC BY 2.0 (Wikimedia Commons)।


