रविवार, 18 अक्टूबर 2026हिन्दी · English
INDIAN POTATO
मंडी एवं व्यापार · उत्तर प्रदेश

2026 में यूपी में आलू का भाव क्यों गिरा: कोल्ड स्टोर 85% भरे, बिक्री धीमी

यूपी में अगस्त तक आलू का औसत भाव ₹860 कुंतल रहा, पिछले साल ₹1,088 था। बड़ी फ़सल, 85% भरे कोल्ड स्टोर, धीमी निकासी और महँगी ढुलाई ने भाव गिराया।

देवेंद्र कुमार झा · 18 अक्टूबर 2026 · 6 मिनट
भाषाहिन्दीEnglish
यूपी में आलू का भाव 2026: आलू से भरा कोल्ड स्टोर

सीधी बात

उत्तर प्रदेश में अगस्त तक आलू का औसत भाव ₹860 कुंतल रहा, जबकि पिछले साल ₹1,088 था। इस बार फ़सल बड़ी हुई, कोल्ड स्टोर 85% भर गए, स्टोर से आलू हर साल से धीरे निकल रहा है, और खाड़ी देशों के हालात से ढुलाई महँगी होने के कारण दूसरे राज्यों और विदेश में आलू बेचना मुश्किल हो गया है। ये आंकड़े उत्तर प्रदेश सरकार के अगस्त 2026 के हैं।

246.72 लाख टनयूपी में इस साल आलू
173.03 लाख टनकोल्ड स्टोर में आलू
₹860 / कुंतलअगस्त तक औसत भाव

पिछले साल और इस साल में फ़र्क़

भाव पर असर डालने वाला हर आंकड़ा बेचने वाले के ख़िलाफ़ गया है। आलू ज़्यादा है, उसमें से ज़्यादा कोल्ड स्टोर में पड़ा है, और मंडी उसके कम दाम दे रही है।

उत्तर प्रदेश20252026
आलू का रकबा6.97 लाख हेक्टेयर7.42 लाख हेक्टेयर
आलू किसान17.42 लाख18.55 लाख
उत्पादन244.00 लाख टन246.72 लाख टन
निजी कोल्ड स्टोर2,2432,363
कोल्ड स्टोर की क्षमता191.77 लाख टन202.99 लाख टन
स्टोर में रखा आलू158.19 लाख टन173.03 लाख टन
अब तक स्टोर से निकला20.96%22.25%
अभी भी स्टोर में125.03 लाख टन134.53 लाख टन
औसत मंडी भाव₹1,087.95 / कुंतल₹859.64 / कुंतल
सबसे ऊँचा भाव₹1,210 / कुंतल₹980 / कुंतल
सबसे नीचा भाव₹800 / कुंतल₹600 / कुंतल

उत्तर प्रदेश सरकार के आंकड़े, अगस्त 2026। स्टोर और निकासी के आंकड़े अगस्त की शुरुआत तक के हैं।

भाव गिरने की पाँच वजहें

  1. 1
    ज़्यादा ज़मीन पर बड़ी फ़सलआलू का रकबा 6.97 से बढ़कर 7.42 लाख हेक्टेयर हो गया, और इस सीज़न बाढ़, पाला या कोई और आपदा नहीं आई। देश का करीब एक-तिहाई आलू उगाने वाले यूपी में 246.72 लाख टन आलू निकला।
  2. 2
    कोल्ड स्टोर बढ़े, और भर भी गएयूपी में इस साल 120 नए निजी कोल्ड स्टोर बने, कुल क्षमता 202.99 लाख टन हो गई। किसानों और व्यापारियों ने इन्हें 85% तक भर दिया, यानी पिछले साल से 14.84 लाख टन ज़्यादा आलू स्टोर में रखा गया।
  3. 3
    आलू स्टोर से निकल नहीं रहाअगस्त तक स्टोर में रखे आलू का सिर्फ़ 22.25% ही निकला था। 134.53 लाख टन अंदर ही पड़ा था, और सरकार का अंदाज़ा है कि निकासी धीमी ही रहेगी, क्योंकि बहुत से किसान अच्छे भाव के इंतज़ार में आलू रोके बैठे हैं।
  4. 4
    यूपी से बाहर बेचना मुश्किल हुआपिछले कई महीनों से खाड़ी देशों के हालात की वजह से ढुलाई और दूसरे ख़र्चे बढ़ गए हैं। दूसरे राज्यों और विदेश में यूपी का आलू कम जा रहा है, इसलिए ज़्यादा आलू प्रदेश में ही रह जाता है।
  5. 5
    दूसरे राज्यों में भी फ़सल अच्छी हुईपश्चिम बंगाल, ओडिशा और दक्षिण के राज्यों में अपनी फ़सल बड़ी हुई, इसलिए उन्हें यूपी से कम आलू चाहिए। सरकार का अंदाज़ा है कि करीब 15 लाख टन आलू सरप्लस बचेगा।
जंबो बैग में भरा आलू ट्रक पर लादा जा रहा है
यूपी का सरप्लस आलू आमतौर पर दूसरे राज्यों को जाता है, और इस साल यह रफ़्तार धीमी है

यूपी का आलू कहाँ जाता है

इस साल यूपी में निकले 246.72 लाख टन आलू के इस्तेमाल का हिसाब सरकार ने ऐसे लगाया है:

यूपी में ही खपत
39%
दूसरे राज्यों को बिक्री
39%
बीज के लिए
11%
प्रोसेसिंग
10%
निर्यात
1%

यानी यूपी अपनी फ़सल का करीब 40% दूसरे राज्यों के भरोसे बेचता है। जब यह व्यापार धीमा पड़ता है, तो प्रदेश में भाव गिर जाता है। प्रोसेसिंग से मदद मिलती है, पर धीरे: खाद्य प्रसंस्करण नीति 2023 के तहत प्रदेश में आलू की 11 यूनिटें लगी हैं, जो साल में करीब 59,134 टन आलू इस्तेमाल करेंगी। लाखों टन के सरप्लस के आगे यह बहुत कम है।

कोल्ड स्टोर के अंदर ढेर में रखा आलू
इस साल यूपी के कोल्ड स्टोर में 173.03 लाख टन आलू रखा गया है

सरकार क्या कर रही है

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए आलू किसानों की मदद की दो योजनाएँ शुरू की हैं। दोनों में पैसा सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है, और दोनों के लिए आवेदन उद्यान विभाग के पोर्टल dbt-uphorticulture.in पर ऑनलाइन होता है।

कोल्ड स्टोर किराए में मदद

निजी कोल्ड स्टोर में रखे आलू के किराए पर ₹100 कुंतल की मदद, जबकि किराया औसतन करीब ₹310 कुंतल है। एक किसान को 2 हेक्टेयर तक और 200 कुंतल प्रति हेक्टेयर तक, ज़्यादा से ज़्यादा ₹20,000। पैसा आलू स्टोर से निकालने के बाद मिलता है।

लागत से कम भाव पर भरपाई

सरकार ने आलू की लागत ₹700 कुंतल तय की है। जो किसान अच्छा आलू मंडी में इससे कम पर बेचे, उसे लागत का 25% या घाटे की रकम, इनमें जो कम हो, वह मिलेगी। 1 जनवरी से 15 अप्रैल और 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक की बिक्री गिनी जाती है।

राज्य और केंद्र की और योजनाओं के लिए पढ़ें: कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी योजना, कितनी सब्सिडी और आवेदन कैसे करें।

आपके लिए इसका मतलब

अगर आप यूपी में आलू उगाते हैं

इस साल भाव अचानक उछलने की उम्मीद में आलू रोके रखना जोखिम भरा है: स्टोर भरे हैं और सरप्लस असली है। अभी से पोर्टल पर पंजीकरण करा लें, ताकि आलू निकालते समय किराए की मदद ले सकें, और लागत से कम पर बेचें तो मंडी का गेट पास और बिक्री की पर्ची सँभालकर रखें।

अगर आप आलू ख़रीदते, प्रोसेस करते या व्यापार करते हैं

यह ख़रीदार का सीज़न है। यूपी के कोल्ड स्टोर में माल बहुत है, भाव पिछले साल से काफ़ी नीचे हैं, और अक्टूबर की खिड़की बंद होने से पहले बेचने वाले स्टॉक निकालना चाहते हैं। जिन प्रोसेसरों को लगातार माल चाहिए, वे अभी ऐसे भाव पर मात्रा पक्की कर सकते हैं जो पिछले साल नहीं मिले।

अगर आप कोल्ड स्टोर चलाते हैं

स्टोर भर तो गए, पर धीमी निकासी से आलू चैंबरों में हर साल से ज़्यादा दिन पड़ा रह सकता है। सीज़न ख़त्म होने तक कितना माल निकलता है, इस पर नज़र रखें, और किसानों से निकासी की बात पहले ही कर लें।

बड़ी तस्वीर के लिए पढ़ें: यूपी देश का एक-तिहाई आलू क्यों उगाता है, यूपी के किन ज़िलों में सबसे ज़्यादा आलू होता है, कोल्ड स्टोरेज से किसान का हिस्सा कितना बढ़ता है, और मंडियों का आज का आलू भाव।

यूपी से आलू ख़रीदना है?

किस्म, मात्रा और कहाँ चाहिए, यह बताएँ। हम आपको यूपी के कोल्ड स्टोर के माल और किसानों से जोड़ेंगे।

व्हाट्सऐप +91 94996 68498 ईमेल info@indpotato.com

स्रोत

स्रोत: इंडियन पोटैटो इंटेलिजेंस

साथी किसानों और व्यापारियों से जुड़ेंव्हाट्सऐप ग्रुप पर आलू भाव, मौसम और बाज़ार पर खुलकर चर्चा करें।
ग्रुप जॉइन करें →

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में उत्तर प्रदेश में आलू का भाव कम क्यों है?
यूपी में इस बार 246.72 लाख टन की बड़ी फ़सल हुई, कोल्ड स्टोर 85% भरे हैं, आलू स्टोर से धीरे निकल रहा है, और खाड़ी देशों के हालात से ढुलाई महँगी होने के कारण दूसरे राज्यों और विदेश में बिक्री धीमी पड़ी है।
2026 में यूपी की मंडियों में आलू का भाव क्या रहा?
अगस्त तक औसत भाव ₹860 कुंतल रहा, सबसे ऊँचा ₹980 और सबसे नीचा ₹600 (उत्तर प्रदेश सरकार के आंकड़े, अगस्त 2026)। पिछले साल औसत करीब ₹1,088 था।
यूपी के कोल्ड स्टोर में कितना आलू रखा है?
173.03 लाख टन, 2,363 निजी कोल्ड स्टोर में, जिनकी कुल क्षमता 202.99 लाख टन है। यानी क्षमता का 85% भरा है।
उत्तर प्रदेश में कितने कोल्ड स्टोर हैं?
इस साल 2,363 निजी कोल्ड स्टोर हैं, पिछले साल से 120 ज़्यादा।
यूपी सरकार आलू किसानों की क्या मदद कर रही है?
दो योजनाएँ हैं: कोल्ड स्टोर किराए में ₹100 कुंतल की मदद, एक किसान को ज़्यादा से ज़्यादा ₹20,000, और ₹700 कुंतल की लागत से कम भाव पर बेचने पर भरपाई। दोनों के लिए आवेदन dbt-uphorticulture.in पर ऑनलाइन होता है।
क्या यूपी में आलू का भाव बढ़ेगा?
सरकार का अंदाज़ा है कि करीब 15 लाख टन आलू सरप्लस रहेगा और स्टोर से निकासी धीमी रहेगी, इसलिए इस सीज़न भाव जल्दी सुधरने की उम्मीद कम है। दूसरे राज्यों की माँग तय करेगी कि स्टॉक कितनी जल्दी निकलता है।
उत्तर प्रदेशआलू भावकोल्ड स्टोरआलू मंडीसरकारी योजना
लेखक के बारे में
देवेंद्र कुमार झा
देवेंद्र कुमार झा
आलू उद्योग इंटेलिजेंस विशेषज्ञ

इंडियन पोटैटो के संस्थापक एवं निदेशक — आलू पर भरोसेमंद जानकारी (पोटैटो इंटेलिजेंस) और आलू से जुड़े हितधारकों का समुदाय खड़ा करने को समर्पित मंच। कृषि अभियांत्रिकी में बी.टेक; आलू के क्षेत्र के जानकार और इसके प्रति गहरा लगाव रखने वाले।

और पढ़ें

सभी मंडी एवं व्यापार लेख →
भारत से फ्रोज़न फ्रेंच फ्राइज़ का निर्यात 2025-26 — शिपिंग कंटेनर से निकलते फ्राइज़, 2,77,109 टनमंडी एवं व्यापारभारत से फ्रोज़न फ्रेंच फ्राइज़ का निर्यात 2025-26: सबसे ज़्यादा किन 10 देशों ने ख़रीदा01 अक्टूबर 2026आलू का ढेर — दुनिया भारत के आलू का सबसे कम दाम क्यों देती हैमंडी एवं व्यापारभारत के निर्यात आलू का दाम ₹19 किलो। कनाडा का ₹64। वजह क्या है?25 सितंबर 2026Potato Production in India — Area, Production & Yield (1950–2025)EN · Englishहमारी अंग्रेज़ी साइटPotato Production in India — Area, Production & Yield (1950–2025)indianpotato.com →EN · Englishसाझेदार ज्ञानकोशAre Potatoes Good for Your Heart? Peer-Reviewed Evidencepotatopedia.com →

♥ पाठकों का सहयोग

आलू के इकलौते मंच को सबके लिए मुफ़्त रखें।

इंडियन पोटैटो सिर्फ़ आलू की बात करता है: मंडी भाव, बीज, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और निर्यात, और इसे पढ़ना सबके लिए मुफ़्त है। हमारा काम आपके काम आता है तो इस पहल में सहयोग करें। आपका हर रुपया खेतों और मंडियों से और ज़्यादा ख़बरें लाने में लगेगा।

हम सहयोग क्यों माँगते हैं →

UPI · कार्ड · नेट बैंकिंग · Razorpay से सुरक्षित